लेखक: वेरा पनोवा लेखक: वेरा पनोवा
जब किसी रास्ते से आप परिचित ना हों तो उसपर चलने की कोशिश कभी ना करें। जब किसी रास्ते से आप परिचित ना हों तो उसपर चलने की कोशिश कभी ना करें।
शायद कभी वो प्यार- पिपासा कहीं तुम्हारे दिल को छुए गुलाबी- सपनों- सा यह छाता खड़े हैं अब भी लिए हुए !... शायद कभी वो प्यार- पिपासा कहीं तुम्हारे दिल को छुए गुलाबी- सपनों- सा यह छाता खड़े...
अब वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है क्योंकि उसने सुना है कि आजकल डॉक्टर भगवान बन गए है। अब वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है क्योंकि उसने सुना है कि आजकल डॉक्टर भगवान ब...
मैंने सोचा यह यूपी ऐसा ही राज्य है और यहां पर तो चोरों-डाकुओं की कुछ घाटियां भी हैं । कहीं उन चोरों ... मैंने सोचा यह यूपी ऐसा ही राज्य है और यहां पर तो चोरों-डाकुओं की कुछ घाटियां भी ...
याद रखना सबसे ख़तरनाक है, " सपनों का मर जाना " ! याद रखना सबसे ख़तरनाक है, " सपनों का मर जाना " !